Ek Aur Rape : Notebandi Instant.. Rape Laws So Distant and India Suffers

Ek Aur Rape : अब तो बस डर लगता है कि कही एक और रेप (RAPE)की खबर न आ जाए एक और घिनोना अपराध न हो जाए फिर कोई बेटी किसी दरिंदे की शिकार न हो जाए । यह सिलसिला नही रुकेगा जब तक सख्त कानून (LAW) नही बनेगें। UP, KASHMIR, ROHTAK, SURAT मामले इसके उधाहरण है कि अब बेटियां सुरक्षित नही

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Ek Aur Rape

Ek Aur Rape : आज कल न तो अखबार पढ़ी जा रही है ना न्यूज देखी जा रही है  जो कुछ भी कठुआ {kathua) में हुआ है ,वह बेहद क्रूर एवं शर्मनाक घटना है। मानवीय मूल्यों को तार तार करने वाली ऐसी घटनाओं से पूरी मानव जाति शर्मसार हो जाती है। एक नन्ही बच्ची जो दुनिया देखने के पहले ही मौत की गोद में ढकेल दी गई ,एक मासूम कली जिसे फूल बनने के पहले ही निर्ममता से कुचल – मसल कर फेंक दिया गया । क्या कसूर था उसका ? यही कि वह एक लड़की थी और उसने इंसानों नहीं दरिंदों की बस्ती में जन्म लिया था।

दूसरा मामला 8 अप्रैल दिन रविवार को UP सीएम आवास के सामने युवती ने परिवार के साथ सुसाइड की कोशिश की थी. युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था. 9 अप्रैल को युवती के पिता की उन्नाव (UNNAO) में पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी. इसके बाद हड़कंप मच गया. मामले में दो पुलिस अधिकारियों व चार कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था. बीजेपी विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता को 3 अप्रैल को पीटने वाले चार लोगों को अरेस्ट किया गया था. 13 अप्रैल को इस मामले में बीजेपी विधायक को भी अरेस्ट कर लिया गया. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि वह रेप के आरोपी बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी करेगी या नहीं. सरकार कह रही थी कि विधायक को अरेस्ट नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके खिलाफ़ कोई सुबूत नहीं हैं, लेकिन हाईकोर्ट की फटकार के बाद विधायक को अरेस्ट कर लिया गया.

अब सूरत और रोहतक से भी नन्ही बच्चीयों के साथ हुए दुर्व्यवहार की दिल दहलाने वाली घटनाएं सामने आई वहाँ भी बच्चियों की साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर के उनकी हत्या कर फि गई ।

अब तो बस डर  लगता है कि कही एक और रेप की खबर न आ जाए एक और घिनोना अपराध न हो जाए फिर कोई बेटी किसी दरिंदे की शिकार न हो जाए । यह सिलसिला नही रुकेगा जब तक सख्त कानून नही बनेगें

समाज का यह घिनोने रूप को देख कर डर लगने लगा है अब लग रहा है की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से अच्छा तो कोख में उनको मार देना ही सही था । किस समाज मे जन्म दे रहे है बच्चियों को जहां 8 महीने ,8 साल ,18 साल या 80 साल उम्र कोई भी हो वो सुरक्षित नही ।

जिस देश मे रातो रातो नोटेबन्दी लागू कर दी जाती है ,टैक्स के कानून बदल दिए जाते है यह तक सरकार  भी रातो रातो बदल दी जाती है वहाँ बलत्कार के दोषी को सज़ा दिलवाने के लिए सख्त कानून बनाने में सालो लग गए। निर्भया कांड के बाद युवा जोश के आगे झुक कर निर्भया फण्ड घोषित किया गया पर महिला सुरक्षा के नाम पर वो फण्ड कहाँ और किस पर खर्च हुआ या खर्च हुआ या नही किसी को पता नही।

Shallu Duggal
Shallu Duggal

~ Shallu Duggal : Facebook.com/aampress

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4 COMMENTS

  1. One of my Colleague #Ms_SharaAli (Saudi Nationality) said..

    India is a country where people are stand for rapists,

    How can #Girls stay safe in this country ❓❓❓

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