गूगल पर डूडल- वैज्ञानिक हरगोबिंद खुराना

भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉक्टर हर गोविंद खुराना के जन्मदिन के मौके पर गूगल ने डूडल बना कर हर गोविंद को याद किया है।

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भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉक्टर हर गोविंद खुराना के  जन्मदिन के  मौके पर गूगल ने डूडल बना कर हर गोविंद को याद किया है। एक डूडल तैयार किया और गूगल होम पेज पर उसे स्थान दिया। डूडल में एक रंगीन और ब्लैक एंड व्हाइट चित्र बनाया गया है जिसमें प्रोफेसर खुराना वैज्ञानिक प्रयोग करते हुए नजर आ रहे हैं और साथ में उनकी एक बड़ी-सी तस्वीर बनाई गई है।

हरगोविंद खुराना का जन्म अविभाजित भारत के रायपुर जिला मुल्तान, पंजाब नामक स्थान पर 9 जनवरी 1922 में हुआ था। उनके पिता एक पटवारी थे। अपने माता-पिता के चार पुत्रों में हरगोविंद सबसे छोटे थे। गरीबी के बावजूद हरगोविंद के पिता ने अपने बच्चो की पढ़ाई पर ध्यान दिया जिसके कारण खुराना ने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा दिया। वे जब मात्र 12 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया और ऐसी परिस्थिति में उनके बड़े भाई नंदलाल ने उनकी पढ़ाई-लिखाई का जिम्मात संभाला। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानिय स्कूल में ही हुई। उन्होंने मुल्तान के डी.ए.वी. हाई स्कूल में भी अध्यन किया। वे बचपन से ही एक प्रतिभावान् विद्यार्थी थे जिसके कारण इन्हें बराबर छात्रवृत्तियाँ मिलती रहीं।

हरगोविंद खुराना ने विज्ञान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। वह अमेरिकी नागरिक होकर भी अपनी मातृभूमि भारत को कभी भूल नहीं पाए। जब भी उन्हें समय मिलता वे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने के लिए भारत आया करते थे। पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करने वाले और जिंदगी को जिंदादिली से जीने वाले डॉ. हरगोविंद खुराना ने इस दुनिया को 9 नवंबर 2011 को अलविदा कह दिया। डॉ खुराना ने जीन इंजीनियरिंग (बायो टेक्नोलॉजी) विषय की बुनियाद रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेनेटिक कोड की भाषा समझने और उसकी प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका प्रतिपादित करने के लिए सन 1968 में डॉ खुराना को चिकित्सा विज्ञान का नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ दिया गया। नोबेल का यह पुरस्कार पाने वाले वह भारतीय मूल के पहले वैज्ञानिक थे।

Shallu Duggal 

Aam Press

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